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गड़ेरुआ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गड़ेरुआ संज्ञा पुं॰ [सं॰ गणडोल = ग्रास] एक रोग जिसमें चौपाए के गले में एक गोला सा बन जाता है, जिसके कारण वह खाँसता रहता है । विशेष—यह गोला जबतक जौपाए के गले से बाहर नहीं निकल जाता या टूटकर अंदर नहीं सरक जाता, तबतक वह ढाँसा करता है चौपाएँ एक दूसरे को चाटते हैं; इससे चाटने में उनके गले के अंदर कुछ रोएँ चले जातें हैं । जो एक दूसरे से चिपटतें जातें और उनपर घास भूसे की तह भी जामती जाती है । अंत में होते होते गोंद सा एक गोला बन जाता है ।