सामग्री पर जाएँ

गणधर

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गणधर संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार के जैनाचार्य जो तीर्थंकरों के शिष्य होते हैं । ये लोग तीर्थंकरों के उपदेशों का संग्रह कर उन्हें आचारांग आदि बारह अंगों में विभक्त करते हैं और शिष्यों में उनका प्रचार करते हैं ।