सामग्री पर जाएँ

गतार

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गतार † संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ गन्त्री + बैलगाड़ी]

१. बैल के जूए में वे दोनों लकड़ियाँ जो उपरोंछी और तरौछी के बीच समनांतर लगी रहती है । इन लकड़ियों के इधर उधर बैल नाधे जाते हैं ।

२. वह रस्सी जो जूए में बैल नाधने पर बैलों के गले के नीचे से ले जाकर लगा दी जाती है, जिससे बैल जूए को सहसा छोड़ नहीं सकते ।

३. वह रस्सी जिससे बोझ बाँधा जात है । जून ।