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गनीमत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गनीमत संज्ञा स्त्री॰ [अ॰ गनीमत]

१. लूट का माल ।

२. वह माल जो बिना परिश्रम मिले । मुफ्त का माल । जैसे,—उससे जो कुछ मिल जाय, वही गनीमत है । क्रि॰ प्र॰—जानना ।—समझना ।

३. संतोष कि बात । धन्य मानने की बात । बडी़ बात । जैसे,— किसी तरह पेट पाल लें, यही गनीमत है । मुहा॰—किसी का दम गनीमत होना = किसी का बना रहना । किसी के लिये अच्छा होना । किसी के जीवन से किसी प्रकार की भलाई होना ।