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गरट्ट

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गरट्ट पु संज्ञा पुं॰ [पुं॰ ग्रन्थ, पा॰ गंठ, हिं॰ गट्ठ]

१. समूह । झुंड़ । उ॰—(क) गरजन गरट्ट दै कै बाजिन के ठट्ट दै कै ग्राम धाम दै के प्रियवृंद सतकारे है ।—रघुराज (शब्द॰) । (ख) हैबर हरटट् साजि गैबर गरट्ट सम पैदर के ठट्ट फौज जुरी तुरकाने की ।—भूषण (शब्द॰) ।

२. बहुत घना । सघन । उ॰— आँव भलौ ऊगौ अठै गहरौ छाँह गरट्ट ।—बाँकी॰ ग्रं॰, भा॰

१. पृ॰, ४९ ।