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गरड़ी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गरड़ी संज्ञां स्त्री॰ [अनु॰ गड़ गड़ या स॰ कुणडली] काठ या लोहे का वह गोल चक्कर जिसके घेरे में रस्सी बैठने के लिये गड्ढा बना रहता है और जिसमें रस्सी डालकर कुएँ से घड़ा निकालते हैं, पंखा खींचते हैं तथा इसी प्रकार के और बहुत से काम करते हैं । घिरनी । चरखी ।