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गरना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गरना पु † क्रि॰ अ॰ [हिं॰ गलना]

१. दे॰ 'गलना' । उ॰—इम नीर महिं गरि जाइ लवनं एकमेंकहि जानिए ।—सुंदर ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ ५५ ।

२. दे॰ 'गड़ना' । उ॰—उहाँ ज्वाल जरि जात, दया ग्लानि गरे गात, सूखे सकुचात सब कहत पुकार हैं ।—तुलसी (शब्द॰) ।

गरना ^२ क्रि॰ अ॰ [हिं॰ गारना अथवा सं॰ √गृ >गर]

१. गारा जाना । निचो़ड़ा जाना ।

२. किसी चीज में से किसी पदार्थ का बूँद बूँद होकर गिरना । निचुड़ना । टपकना । उ॰= चुंबक लोहँड़ा औटा खोवा । भा हलुआ घिउ गरत निचोवा ।—जायसी (शब्द॰) ।