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गरुआ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गरुआ पु † वि॰ [सं॰ गुरुक] [वि॰ स्त्री॰ गरुइ पु, गरुई]

१. भारी । वजनी ।

२. गौरवयुक्त । गौरवशाली । उ॰—बैठहु पाट छत्र नव फेरी । तुम्हरे गरब गरुइ मैं चेरी ।—जायसी (शब्द॰) ।