सामग्री पर जाएँ

गरुवा

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गरुवा पु वि॰ [सं॰ गुरुक; प्रा॰ गरुव]

१. भारी बोझवाला ।

२. श्रेष्ठ । गंभीर । धीर । उ॰ बडे़ कहवत आप सो गरुवे गोपीनाथ । तौ बदिहौं जो राखिहौ । हाथनु लखि मन हाथ ।—विहारी (शब्द॰) ।

३. वजनी । भारी । गुरुता से युक्त । उ॰—गरुवा होय गुरु होय बैठे हलका डग मग गेलै ।—कबीर श॰, पृ॰ १०३ ।