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गलकोड़ा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गलकोड़ा संज्ञा पुं॰ [ हिं॰ गला + कोड़ा]

१. मालखंभ की एक कसरत । विशेष—इसमें पीठ की तरफ गरदन पर से बेत को ले जाकर एक हाथ में उसे लपेट लेते हैं और दूसरी ओर के पाँव में अंटी देकर गले के जोर पर लटक जाते हैं ।

२. कुश्ती का एक पेंच । विशेष—इसमें एक बगल में शत्रु की गरदन दबाकर दूसरा हाथ उसकी बगल से पीठ पर ले जाते हैं और उसे उलटकर टाँग के सहारे गिरा देता हैं ।

३. एक प्रकार का कोड़ा या चाबुक ।