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गलथना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गलथना संज्ञा पुं॰ [सं॰ गलस्तन] दे॰ 'गलथना' ।

गलथना संज्ञा पुं॰ [सं॰ गलस्तन, प्रा॰ गलत्थन, गलथन] वे थैलियाँ जो एक विशेष प्रकार की बकरियों की गरदन में दोनों ओर लटकती रहती हैं । उ॰—नाम जपत कनेय भली साकट भला न पूत । छेरी के गल गलथना जामें दूध न मूत ।— कबीर (शब्द॰) ।