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गलमँदरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गलमँदरी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ गाल + सं॰ मुद्रा]

१. शिवजी के पूजन, शयम आदि के समय उन्हें प्रसन्न करने के लिये गाल बजाने की मुद्रा । गलमुद्रा ।

२. गाल बजाना । व्यर्थ बकवाद या गप्प करना । उ॰—इत नृप मूढ़न की गलमँदरी । मिटन न पाई जब तक सगरी ।—विश्राम (शब्द॰) ।