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गलितकुष्ठ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गलितकुष्ठ संज्ञा पुं॰ [सं॰] आठ प्रकार के कुष्ठों में से एक । विशेष—इसमें शरीर के अवयव, जैसे—हाथ, पैर की उँगलियाँ आदि, सड़ने और कट कटकर गिरने लगते हैं और उनमें कीड़े पड़ जाते हैं । यह कुष्ठ सबसे असाध्य माना गया है ।