गहरु
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गहरु ^२ † संज्ञा पुं॰ [सं॰ गह्वर या गभीर, हिं॰ गहिर] दुर्गम । गूढ़ । उ॰—मन कुंजर मयमंत था फिरता गहर गँभीर । दोहरी तेहरी चौहरी परि गइ प्रेंम जँजिर ।—कबीर (शब्द॰) ।
गहरु पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ घड़ी, घरी या फा॰ गाह = समय ?] देर । विलंब । उ॰—(क) तू रिसि छाँड़ी राधे राधे । ज्यों ज्यों ते कों गहरु त्यों त्यों मो कों बिथा री साधे साधे ।—हरिदास (शब्द॰) । (ख) नेग चारु कहँ नागरि गहरु लगावहिं । निरखि निरखि आनंद सुलोचनि पावहिं । तुलसी (शब्द॰) ।