सामग्री पर जाएँ

गाँसी

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गाँसी संज्ञा स्त्री॰ [हि॰ गाँस]

१. तीर या बरछी आदि का फल । हथियार की नोक । जैसे—प्रीतम के उर बीच भए दुलही को बिलास मनोज की गाँसी ।—मतिराम (शब्द॰) । मुहा॰—गाँसी लगना = तीर लगना । उ॰—फाँस से फुलेल लागे गाँसी सी गुलाल लागे गाज अरगजा लागे चोवा लागे चहकन ।—(शब्द॰) ।

२. गाँठ । गिरह ।

३. कपट । छलछंद ।

४. मनोमालिन्य ।