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गादर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गादर ^१ † वि॰ [सं॰ कातर या कदर्य, प्रा॰, कादर]

१. डरपोक । भीरु । कायर ।

२. सुस्त । मट्ठर ।

गादर ^२ † वि॰ [हि॰ गदरना] गदराया हुआ ।

गादर ^३ संज्ञा पुं॰

१. वह बैल जो जोतने पर मारने से भी आगे न बढ़े ।

२. [स्त्री॰ गादरि, गादरी] गीदड़ । उ॰—तहाँ भूप देखेउ अस सपना । पकरेउ पैर गादरी अपना । भूप छुड़ायों चाहत निज पग । तजत न गादरि पकरि जो पग रग ।— निश्वल (शब्द॰) ।