गिरवान
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गिरवान ^१पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ गीर्वाण] देवता । देव । सुर । उ॰— तेरे गुन गान सुनि गिरवान पुलकित सजल विलोचन विरंचि हरि हर के ।—तुलसी (शब्द॰) ।
गिरवान ^२पु संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰ गरेबान]
१. अंगे या कुरते का वह गोल भाग जो गर्दन के चारों और रहता है । कालर ।
२. गर्दन । गला । उ॰ —नेही सनमुख जुरत ही तेहिं मन की गिरवान । बाहत हैं रनबावरे तेरे दृग किरवान ।—रसनिधि (शब्द॰) ।