गीत्यार्या
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गीत्यार्या संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक छंद जिसके प्रत्येकत चरण में ५ नगण और एक लघु होता है । इसे अचलधृति भी कहते हैं ।
गीत्यार्या संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक छंद जिसके प्रत्येकत चरण में ५ नगण और एक लघु होता है । इसे अचलधृति भी कहते हैं ।