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गुजर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गुजर संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰ गुजर]

१. निकास । गति । जैसे,—उस रास्ते से गुजर मुशकिल है ।

२. पैठ । पहुँच । प्रवेश । जैसे,— वहाँ फरिश्तों तक का तो गुजर नहीं आदमी की कौन चलावे ।

३. निर्वाह । कालक्षेप । जैसे,—इतने वेतन में कैसे गुजर हो सकता है । यौ॰—गुजर बसर । गुजरबान । गुजरगाह । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना ।

गुजर बसर संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰] निर्वाह । गुजारा । कालक्षेप । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना । मुहा॰—गुजर बसर करना = किसी प्रकार समय व्यतीत करना । गुजर बसर होना = किसी प्रकार समय व्यतीत होना ।