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गुदरना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गुदरना † पु क्रि॰ अ॰ [फ़ा॰ गुजर + हिं॰ ना (प्रत्य॰)]

१. त्याग करना । अलग रहना । दर गुजर करना । उ॰—मिलि न जाय नहिं गुदरत बनई । सुकबि लखन मन की गति भनई ।—तुलसी (शब्द॰) । निवेदन करना । हाल कहना । उ॰—तब द्वापर ही नृप सों गुदरे । सुकदेव अबैं दरबार खरे ।—केशव (शब्द॰) ।

३. व्यतीत होना । बीतना । गुजरना । मंतर लेहु हेहु सँग लागू । गुदर जाइ तब होइहि आगू । जायसी (शब्द॰) ।

४. उपस्थित किया जाना । पेश होना ।