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गुपुत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गुपुत पु वि॰ [सं॰ गुप्त] दे॰ 'गुप्त' । उ॰—सूझहि रामचरित मनि मानिक । गुपुत प्रकट जहँ जो जेहि खानिक ।—मानस, १ ।१ ।