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गुरुतोमर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गुरुतोमर संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक छंद जो तोमर छंद के अंत में दो मात्राएँ रख देने से बन जाता है । जैसे,—सल और प्रसेन पुकारि कै । लरते भये धनु धारि कै ।