सामग्री पर जाएँ

गुर्ज

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गुर्ज संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰ गुर्ज] गदा । सोटा । उ॰—कोइ कूकर शूकर पर कोई । कर मे गुर्ज भयानक सोई ।—(रघुनाथ शब्द॰) । यौ॰—गुर्जदार = गदाधारी सैनिक ।

गुर्ज संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰ बुर्ज] कोट या शहरपनाह की दीवार का वह स्थान जो कुछ गोलाकार बना दिया जाता है । यहा पर योद्धाओं के लिये विशेष ओट होती है जिसमें छिपे छिपे वे आक्रमणकारी शत्रु पर वार कर सकते है । गुर्जा । बुरज । उ॰—कंचन कोट कँगूरे कलशा गोपुर गुर्ज दुआरा ।—रघुराज (शब्द॰) ।