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गुर्जरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गुर्जरी संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. गुजरात देश की स्त्री ।

२. भैरव राग की स्त्री । विशेष—यह संपूर्ण जाति की रागिनी है । इसमें तीव्र मध्यम और शेष सब स्वर कोमल लगते हैं । यह रामकली और ललित को मिलाकर बनती है । इसके गाने का समय दिन में

१०. दंड से १६ दंड तक है । ३गूजर जाति की स्त्री [को॰] । यौ॰—गुर्जरी टोड़ी = संपू्र्णा जाति का एक राग जिसमें सब कोमल स्वर लगती है ।