गुर्रा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गुर्रा ^१ संज्ञा पुं॰ [हि॰ गुर्री] वह रस्सी जिससे धुनिया धनुही का फरहा कसते हैं ।
गुर्रा ^२ † संज्ञा पुं॰ [देश॰]
१. मौन । चुप्पी । सन्नाटा । क्रि॰ प्र॰—खींचना = सं॰ मारना । दस साधना ।
गुर्रा ^३ संज्ञा पुं॰ [अ॰ गुरह्]
१. मुहर्रम महीने की द्बितीया का चाँद । द्वितीया तिथि ।
२. तातील । नागा । मुहा॰—गुर्रा करना = (१) तातील करना । छुट्टी करना । (२) लंघन करना । फाका करना । गुर्रा देना = (१) नागा करना । (२) लंघन करना । फाका करना । गुर्रा बताना = (१) तातील का वादा करना । (२) नागा करना । (३) लंघन करना । (४) टालटूल करना ।
गुर्रा ^४ संज्ञा पुं॰ [अनु॰] ऐंठन । मोड़ । मरोड़ । क्रि॰ प्र॰—देना = उमेठना । मरोड़ देना ।