सामग्री पर जाएँ

गुर्रा

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गुर्रा ^१ संज्ञा पुं॰ [हि॰ गुर्री] वह रस्सी जिससे धुनिया धनुही का फरहा कसते हैं ।

गुर्रा ^२ † संज्ञा पुं॰ [देश॰]

१. मौन । चुप्पी । सन्नाटा । क्रि॰ प्र॰—खींचना = सं॰ मारना । दस साधना ।

गुर्रा ^३ संज्ञा पुं॰ [अ॰ गुरह्]

१. मुहर्रम महीने की द्बितीया का चाँद । द्वितीया तिथि ।

२. तातील । नागा । मुहा॰—गुर्रा करना = (१) तातील करना । छुट्टी करना । (२) लंघन करना । फाका करना । गुर्रा देना = (१) नागा करना । (२) लंघन करना । फाका करना । गुर्रा बताना = (१) तातील का वादा करना । (२) नागा करना । (३) लंघन करना । (४) टालटूल करना ।

गुर्रा ^४ संज्ञा पुं॰ [अनु॰] ऐंठन । मोड़ । मरोड़ । क्रि॰ प्र॰—देना = उमेठना । मरोड़ देना ।