गूलू
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गूलू संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] एक वृक्ष का नाम जिसे पुंड़्रक भी कहते हैं । विशेष—इससे एक प्रकार का सफेद गोद निकलता है जिसे कतीला या कतीरा कहते हैं और जो पानी में नहीं घुलता । इस वृक्ष की छाल की रस्सीयाँ बटी जाती हैं । जब यह वृक्ष दस वर्ष का हो जाता है तब इसे काट डालते हैं और डालियों को छाँटकर तने के छह छह फुट के टुकडे़ कर डालते हैं । फिर छाल को उतारकर रस्सियाँ बटते हैं । पत्तियाँ और डालियाँ चारे और दवा के काम आती हैं । लकडी़ से खिलौने तथा सितार सारंगी आदि बाजे बनते हैं । कोई कोई जडों की तरकारी भी बनाते हैं या उन्हें गुड़ के साथ मिलाकर खाते हैं । यह उत्तरी भारत, मध्य भारत, दक्षिण तथा बर्मा के सखे जंगलों में होता है । पश्चिमी घाट के पहाड़ों पर यह बहुत मिलता है ।