सामग्री पर जाएँ

गृहप

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गृहप संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. घर का मालिक ।

२. घर का रक्षक । चौकीदार ।

३. कुत्ता । उ॰—(क) गृहप गोध गोमाक कलौ— लै । छांटत मूँड़ कपाली डोलैं ।—विश्राम (शब्द॰) । (ख) यथा गृहप शवकास्थि लै चपि चाबत सह प्रीति । निज तालूगत तनुज भखि मानत तोष अभीति ।—विश्राम (शब्द॰) ।

४. अग्नि । आग ।