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गृहस्थाश्रम

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गृहस्थाश्रम संज्ञा पुं॰ [सं॰] चार आश्रमों में से दूसरा आश्रम जिसमें ब्रह्मचर्य अर्थात् विद्याध्ययन आदि के उपरांत लोग विवाह करके प्रवेश करते थे और घर का कामकाज देखते थे । जीवन की वह अवस्था जिसमें लोग स्त्री पुत्र आदि के साथ रहते और उनका पालन करते हैं ।