गेण्डा़
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गेंडा़ संज्ञा पुं॰ [सं॰ काण्ड]
१. ईख के ऊपर के पत्ते । अगोरी ।
२. ईख । गन्ना ।
३. ईख की वडी़ गडे़री ।
४. ईख के कटे हुए टुकडे़ जो खेत में बोए जाते हैं ।
५. पत्थर की निहाई जिसपर पीतल ताँबा लाल करके पीटते हैं । इसका व्यवहार प्रायः मिर्जापुर में है ।
६. दे॰ 'गैंडा़' ।
गेंडा़ संज्ञा पुं॰ [सं॰ गण्डक] दे॰ 'गैंडा़' ।