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गैन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गैन ^१ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ गमन] गैल । मार्ग । रास्ता । उ॰—(क) प्रीत चलावै जित इन्हैं तितै धरै ये गैन । नेह मनोरथ रथ रहै वे अबलख हय नैन ।—रसनिधि (शब्द॰) । (ख) तारायन शशि रैन प्रति सूर होहिं शशि गैन तदपि अँधेरो है सखी पिउ न देखे नैन । —रहीम (शब्द॰) ।

गैन ^२ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ गगन, प्रा॰ गयण] गगन । आसमान । आकाश । उ॰— ओछे बड़े न ह्वै सकैं लगौं सतर ह्वै गैन । दिरघ होहिं न नैंकहुँ फारि निहारैं नैन ।— बिहारी (शब्द॰) ।