गोंड़ा
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गोंड़ा ^१ संज्ञा स्त्री॰ [?] एक प्रकार की बड़ी लता जो देहरादून, अवध, गोरखपूर बुंदेलखंड, बंगाल और मध्यभारत के जंगलों में, विशेषत: जहाँ साल के वृक्ष हों, अधिकता से होती है । विशेष— यह बहुत फैलती है और समय पर काटी न जाय तो जंगलों को बहुत हानि पहुँचाती है । इसकी पत्तियाँ बड़ी और चौड़ी होती हैं और चारे के काम आती हैं । इसकी डालियों से एक प्रकार का रेशा भी निकाला जाता है । इसकी टहनी के सिरे पर गुच्छों के फूल भी लगते हैं जो गरमी के दिनों में फूलते हैं ।
गोंड़ा ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ गोष्ठ]
१. बाड़ा । घेरा हुआ स्थान । (विशेष— कर चौपायों के लिये ) रखने या बाँधने का स्थान । उ॰— पिता गए गौवों के गोड़े । माता घर लड़के धाए हैं ।— आराधना, पृ॰ ७४ ।
२. मोहल्ला । पुरा । गाँव । खेड़ा । बस्ती ।
३. खेतों का उतना घेरा जितना एक किसान का हो और एक ही जगह पर हो ।
४. बड़ी चौड़ी सड़क ।
५. सहन । चौक आँगन ।
६. वह न्योछावर जो लड़कीवाले के घर पर बारात के पहुँचने पर की जाती है । परछन । मुहा॰—गोंड़ा सीजना=बारात के पहुँचने पर कन्या के घरवालों का न्योछावर के रूप में कुछ द्रव्य बाँटना या लुटाना ।