गोझा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गोझा संज्ञा पुं॰ [सं॰ गुह्यक] [स्त्री॰ अल्पा॰ गोझिया, गुझिया]
१. गुझिया नामक पक्वान्न जो मौदे में चूरमा या मेवा आदि भरकर बनता है । उ॰—(क) गोझा बहुपूरग पूरे । भरि भरि कपूर रस चूरे ।—सूर (शब्द॰) । (ख) भए जीव बिन नाउत ओझा । विष भइ पूरि काल भए गोझा ।—जायसी (शब्द॰) ।
२. लकड़ी की कील जो काठ के सामान में सरेस लगाकर ठोंकी या धँसाई जाती है और जिसका बाहर निकला हुआ भाग आरी से काटकर लकड़ी की सतह के बराबर कर दिआ जाता है । गुज्झा । बँसकीला ।
३. एक प्रकार की कँटीली घास । गुज्झा ।
४. जेब । खीसा । खलीता ।