गोड़ा
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गोड़ा संज्ञा पुं॰ [हिं॰ गोड़] पैर और जाँघ के बीच का जोड़ । घुटना ।
गोड़ा ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ गोड = पैर]
१. पलँग आदि का पाया ।
२. घोड़िया । उ॰—चाँद सूर्य दोउ गोड़ा कीन्हों माझ दीप किय ताना ।—कबीर (शब्द॰) ।
३. वह रस्सी जो खेतों में पानी चलाने की दौरी से बँधी रहती है और जिसे पकड़कर पानी उलीचते हैं ।