सामग्री पर जाएँ

गोण्डरा

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गोंडरा † संज्ञा पुं॰ [सं॰ कुणडल] [स्त्री॰ गोंडरी]

१. वह कुंडला— कार गोल लकड़ी या लोहे की छड़ जो मोट के मुँह पर बँधी रहती है । लोहे का मँडरा जिसपर मोट का चरसा लटकता है ।

२. कोई गोल वस्तु जो कुंडल के आकार की हो । मँड़रा ।

३. लकीर का गोल घेरा । क्रि॰ प्र॰—खींचना ।—डालना ।