गोत्रकर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गोत्रकर संज्ञा पुं॰ [सं॰] गोत्रप्रवर्तक ऋषि । उ॰—ये सारे गोत्रकर ऋषि गंगा के आसपासवाले प्रदेश में १५०० ई॰ पू॰ के आसपास दासता और सामंतवादी युग में हुए थे ।—भा॰ इ॰ रू॰, पृ॰ २० ।