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गोपीचन्द

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गोपीचंद संज्ञा पुं॰ [सं॰ गोपी + हिं॰ चंद] रंगपुर (बंगाल) के एक प्राचीन राजा जो भर्तृहरि की बहन मैनावती के पुत्र कहे जाते हैं । विशेष—इन्होंने अपनी माता से उपदेश पाकर अपना राज्य छोड़ा और वैराग्य लिया था । कहा जाता है कि ये जलंधरनाथ के शिष्य हुए थे और त्यागी होने पर इन्होंने अपनी पत्नी पाटमदेवी से, महल में जाकर भिक्षा माँगी थी । इनके जीवन की घटनाओं के गीत आजकल के जोगी सारंगी पर गाया करते हैं ।