गोशवारा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गोशवारा संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰]
१. खंजन नामक पेड़ का गोंद । विशेष—यह मस्तगी का सा होता है और मस्तगी ही की जगह काम में आता है ।
२. कान का बाल । कुंडल ।
३. बड़ा मोती जो सीप में अकेला हो ।
४. कलाबत्तू से बुना हुआ पगड़ी का आँचल ।
५. तुर्रा । कलगी । सिरपेच ।
६. जोड़ । मीजान ।
७. वह संक्षिप्त लेखा जिसमें हर एक मद का आयाव्यय अलग अलग दिखलाया गया हो ।
८. रजिस्टर आदि में खानों के ऊपर का वह भाग जिसमें उन खानों का नाम लिखा रहता है ।