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ग्रसन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ग्रसन संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. भक्षण । निगलना ।

२. पकड । ग्रहण ।

३. खाने के लिये पकड़ना । इस प्रकार चंगुल में फाँसना जिसमें छूटने न पावे ।

४. ग्रास ।

५. एक असुर का नाम ।

६. ग्रहण ।

७. दस प्रकार के ग्रहणों में से एक जिसमें चंद्र या सूर्यमंडल पाद, अद्ध या त्रिपाद ग्रस्त हो । विशेष—फलित ज्योतिष के अनुसार ऐसे ग्रहण का फल घमंडी राजाओं का धननाश और घमँडी देशों का पीड़ित होना है ।

८. मुख । जबड़ा (को॰) ।