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ग्रामभृत्

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ग्रामभृत् संज्ञा पुं॰ [सं॰] बहुत से लोगों की सेवा करनेवाला मनुष्य । विशेष—ऐसा मनुष्य यदि ब्राह्मण हो तंब भी अब्राह्मण हो जाता है ।