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घिरिनपरेवा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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घिरिनपरेवा † संज्ञा पुं॰ [हिं॰ घिरन(=चक्कर)+परेवा]

१. गिरहबाज कबूतर ।

२. कौड़ियाला पक्षी जो मछली के लिये पानी के ऊपर मँडराता रहता है । उ॰—(क) कहँ वह भौंर कँवल रस लेवा । आइ परै होइ घिरिन परेवा ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) घिरिनपरेवा गीउ उठावा । चहै बोल तमचूर सुनावा ।—जायसी (शब्द॰) ।