घुँघर
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]घुँघर पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'घूँघर' उ॰—ताही घुँघर मत गत भ्रमर भ्रमरत ऐसो । बनी है छबि बिसाल प्रेम जाल गोलक जैसो । नंद ग्रं॰, पृ॰ ३९६ ।
घुँघर पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'घूँघर' उ॰—ताही घुँघर मत गत भ्रमर भ्रमरत ऐसो । बनी है छबि बिसाल प्रेम जाल गोलक जैसो । नंद ग्रं॰, पृ॰ ३९६ ।