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घोडाबेल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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घोडाबेल संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ घोडा + बेल] एक लिपटनेवाली लता जिसकी जडे गँठीली होती हैं । विशेष—इसकी पत्तियाँ एक बालिश्त के सींकों में लगती हैं और पतझड में झड जाती हैं । चैत, बैशाख में यह बैल घनी मंजरी के रूप में फूलती है । यह बैल बुंदेलखंड तथा उत्तरीय भारत के कई भागों में मिलती है । बिलाईकंद इसी की जड है । इसे सुराल और सरवाला भी कहते हैं ।