चंद्रप्रभ

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

चंद्रप्रभ ^१ वि॰ [सं॰ चन्द्रप्रभ] चंद्रमा के समान ज्योतिवाला । कांतिवान् ।

चंद्रप्रभ ^२ संज्ञा पुं॰

१. जैनों के आठवें तीर्थकर । इनके पिता का नाम महासेन और माता का नाम लक्ष्मणा था ।

२. तक्षशिला के राजा एक बोधिसत्व जो बड़े दानी थे । विशेष—एक बार ब्राम्हण ने आकर इनसे इनका मस्तक माँगा । इन्होंने बहुत धन देकर उसे संतुष्ट करना चाहा; पर जब उसने न माना, तब इन्होंने अपने मस्तक पर से राजमुकुट उतारकर उसके आगे रखा । तव ब्राम्हण इन्हें एकांत में ले गया और वहाँ जाकर उसने इनका सिर काट लीया ।