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चकचकाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चकचकाना क्रि॰ अ॰ [अनु॰]

१. पानी, खून, रस या और किसी द्रव पदार्थ का सूक्ष्म कणों के रूप में किसी वस्तु के अंदर से निकलना । रस रसकर ऊपर आना । जैसे,—जहाँ जहाँ बेंत लगा है, खून चकचका आया है ।

२. भींग जाना । उ॰— चख चकित चित्त चरबीन चुभि चकचकाइ चंडिय रहत । पद्माकर ग्रं॰, पृ॰ २३० ।