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चकत्ता

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चकत्ता ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ चक्र+वत्त]

१. शरीर के ऊपर बना गोल दाग । चमड़े पर पड़ा हुआ धब्बा या दाग । विशेष—रक्तविकार के कारण चमड़े के ऊपर लाल, नीले या काले चकत्ते पड़ जाते हैं ।

२. खुजलाने आदि के कारण चमड़े के ऊपर थोड़े से घेरे के बीच पड़ी हुई चिपटी और बराबर सूजन जो उभड़ी हुई चकती की तरह दिखाई देती है । ददोरा ।

३. दाँतों से काटने का चिह्न । दाँत चुभने का निशान । क्रि॰ प्र॰—डालना । मुहा॰—चकत्ता भरता=दाँतों से काटना । दाँतों से मांस निकाल लेना । चकत्ता मारना=दाँतों से काटना ।

चकत्ता ^२ संज्ञा पुं॰ [तु॰ चगताई]

१. मोगल या तातार अमीर चगताई खाँ जिसके वंश में बाबर, अकबर आदि भारतवर्ष के मुगल बादशाह थे । उ॰—मोटी भई चंडी बिनु चोटी के चबाय सीस, खोटी भई संपत्ति चकत्ता के घराने की ।— भूषण (शब्द॰) ।

२. चगताई वंश का पुरुष । उ॰— मिलतहि कुरुख चकत्ता कौ निरखि कीनो सरजा सुरेस ज्यों दुचित ब्रजराज को ।—भूषण (शब्द॰) ।