चकनाचूर

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

चकनाचूर वि॰ [हिं॰ चक=भरपूर+चूर]

१. जिसके टूट फूटकर बहुत से छोटे छोटे टुकड़े हो गए हों । चूरचूर । खंड खंड । चूर्णित । उ॰—साहब का घर दूर है जैसे लंबी खजूर । चढ़ै तो चाखै प्रेम रस गिरै तो चकनाचूर ।—कबीर (शब्द॰) ।

२. बहुत थका हुआ । श्रम से शिथिल । अत्यंत श्रांत । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना ।