चकमक

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

चकमक संज्ञा पुं॰ [तु॰ चक़माक] एक प्रकार का कड़ा पत्थर जिसपर चोट पड़ने से बहुत जल्दी आग निकलती है । विशेष—पहले यह बंदुकों पर लगाया जाता था और इसी के द्वारा आग निकालकर बंदुक छोड़ी जाती थी । दियासलाई निकलने के पहले इसी पर सुत रखकर और लोहे से चोट देकर आग झाड़ते थे ।