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चकल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चकल संज्ञा पुं॰ [हिं॰ चक्का]

१. किसी पौधे को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लगाने के लिये मिट्टी समेत उखाड़ने की क्रिया ।

२. मिट्टी की वह पिंडी जो पौधे को दूसरी जगह लगाने के लिये उखाड़ते समय जड़ के आस पास लगी रहती है । क्रि॰ प्र॰—उठाना ।