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चक्रताल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चक्रताल संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक प्रकार का चौताला ताल जिसमें तीन लघु (लघु की एक मात्रा) और एक गुरु (गुरु की दो मात्राएँ) होती हैं । इसका बोल यह है—ताहं । धिमि धिमि । तकितां । विधिगन थों ।

२. एक प्रकार का चौदह ताला ताल जिसमें क्रम से चार द्रुत (द्रुत की आधी मात्रा), एक लघु (लघु की एक मात्रा), एक द्रुत (द्रुत की आधी मात्रा), और एक लघु ( लघु की आधी मात्रा) होती है । इसका बोल यह है—जग॰ जग॰ नक॰ थै॰ ताथै । थरि॰ कुकु॰ धिमि॰ दांथै । दां॰ दां॰ धिधिकट । धिधि॰ गन था ।