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चटकारा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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चटकारा ^१ वि॰ [सं॰ चटुल]

१. चटकीला । चमकीला ।

२. चंचल । चपल । तेज । उ॰—अटपटात अलसात पलक पट मूँदत कबहूँ करत उधारे । मनहुँ मुदित करकत मणि आँगन खेलत खंजरीट चटकारे सूर (शब्द॰) ।

चटकारा ^२ वि॰ [अनु॰ चट] वह शब्द जो किसी स्वादिष्ट वस्तु को खाते समय तालू पर जीभ लगने से निकलता है । स्वाद से जीभ चटकाने का शब्द । मुहा॰—चटकारे का = चरपरा । मदोगाप । तीक्ष्ण स्वाद का जैसे,—चटकारे का सालन । चटकारे का भुरता । चटकारे भरना = खूब जीभ से चाट चाटकर स्वाद लेना । ओठ— चाटना ।